नीलामी में खरीदे गए वाहन पर खर्च की रकम वसूलने का आदेश, आंबटकर परिवार ने जताई आपत्ति, नागपुर खंडपीठ में सुनवाई आज
Chandrapur Truck Seizure: District Collector Orders ₹2 Lakh Recovery, Key Hearing in High Court Today
चंद्रपूर जिले में जब्त किए गए वाहनों की नीलामी प्रक्रिया अब एक नया मोड़ ले चुकी है, जब जिलाधिकारी विनय गौडा जी.सी. ने एक अहम आदेश में नीलामी में खरीदे गए वाहन पर किए गए 2 लाख 4 हजार रुपये के खर्च को याचिकाकर्ता से वसूलने का निर्देश दिया। इस आदेश ने नीलामी के मामले को और भी जटिल बना दिया है, और अब सभी की निगाहें नागपुर खंडपीठ में आज, बुधवार 18 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर हैं।
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याचिकाकर्ता चंद्रशेखर आंबटकर और उनके बेटे निशांत आंबटकर ने उच्च न्यायालय में उनके हाइवा ट्रक (MH 34 AV 1209) की जब्ती के खिलाफ याचिका दायर की थी। उनका दावा है कि चंद्रपूर तहसील कार्यालय द्वारा उनका वाहन अवैध गौण खनिज परिवहन के आरोप में जब्त किया गया, जबकि उनकी याचिका पहले से ही उच्च न्यायालय में लंबित थी। न्यायालय ने 30 अगस्त को दिए गए अपने फैसले में नीलामी की प्रक्रिया को रद्द करते हुए जिलाधिकारी को पुनः निर्णय लेने का आदेश दिया था। इसके तहत, जिलाधिकारी ने याचिकाकर्ताओं और नीलामी के खरीदार हारून शेख से लिखित जवाब मांगा।
आंबटकर परिवार ने अपने हाइवा ट्रक और जब्त रेत को वापस लौटाने की मांग की, जबकि नीलामी के खरीदार हारून शेख ने वाहन को मूल मालिक को सौंपे जाने पर प्रशासन से 10 लाख 92 हजार रुपये की मांग की। जिलाधिकारी विनय गौडा ने 12 सितंबर को अपने आदेश में हारून शेख को 9 लाख 55 हजार 753 रुपये लौटाने का निर्णय लिया। इसमें नीलामी के दौरान दी गई राशि के 5 लाख 87 हजार 200 रुपये और 1 लाख 63 हजार 800 रुपये शामिल हैं, जो प्रशासन उन्हें लौटाएगा। शेष 2 लाख 4 हजार रुपये याचिकाकर्ता चंद्रशेखर आंबटकर और उनके बेटे निशांत आंबटकर से वसूलने का आदेश दिया गया।
इससे पहले, आंबटकर परिवार के ट्रक पर 6 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसमें से उन्होंने 5 लाख 56 हजार रुपये पहले ही उच्च न्यायालय में जमा कर दिए थे। अब जिलाधिकारी द्वारा शेष 2 लाख 4 हजार रुपये की वसूली का आदेश दिए जाने पर आंबटकर परिवार ने आपत्ति जताई है।
इस मामले का अंतिम निर्णय आज बुधवार 18 सितंबर को नागपुर खंडपीठ में होने वाली सुनवाई के बाद होगा।