हिंदी-मराठी विवाद दिल्ली तक पहुंचा, संसद लॉबी में कांग्रेस महिला सांसदों का आक्रामक रुख; मनसे ने बताया ‘मराठी अस्मिता’ का प्रतीक
दिल्ली स्थित संसद भवन में हालही मे एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। चंद्रपुर की कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर और कई अन्य सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे को संसद लॉबी में घेरकर उनसे महाराष्ट्र और मराठी मानुष (मराठी लोगों) के खिलाफ दिए गए विवादित बयान को लेकर जवाब-तलब किया।
घटना संसद लॉबी के कैंटीन के पास की बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला सांसदों के तीखे सवालों और ‘जय महाराष्ट्र’ के नारों के बीच निशिकांत दुबे को वहां से निकलना पड़ा। दुबे ने बाहर निकलते समय खुद भी ‘जय महाराष्ट्र’ का नारा लगाया, जिससे माहौल और भी गरमा गया।
हिंदी-मराठी विवाद की पृष्ठभूमि
पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र में हिंदी बनाम मराठी विवाद तेज हो गया है। महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को शालेय शिक्षा में अनिवार्य किए जाने के फैसले का मनसे, शिवसेना (उद्धव गुट) और कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया था। इसी मुद्दे पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने एक संयुक्त सभा भी की थी।
मनसे लंबे समय से परप्रांतीयों (उत्तर भारतीयों) को मराठी बोलने के लिए प्रोत्साहित करती रही है और अतीत में कई बार आक्रामक आंदोलन भी हुए हैं। इसी पृष्ठभूमि में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक विवादित बयान दिया, जिसे महाराष्ट्र विरोधी और मराठी लोगों का अपमान करने वाला माना गया। इस बयान के बाद महाराष्ट्र में भाजपा के खिलाफ नाराजगी बढ़ी।
संसद में गरमा गया माहौल
घटना के दौरान कांग्रेस सांसदों ने दुबे से सीधा सवाल किया कि उन्होंने महाराष्ट्र और मराठी लोगों पर आपत्तिजनक टिप्पणी क्यों की। बताया जाता है कि कांग्रेस की महिला सांसदों के आक्रामक रुख को देखकर दुबे को तत्काल वहां से हटना पड़ा।
‘जय महाराष्ट्र’ के नारे सुनकर अन्य सांसद भी मौके पर जमा हो गए। यह घटना केवल कांग्रेस और भाजपा के बीच नहीं रही, बल्कि मराठी अस्मिता का सवाल बन गई, जिसे लेकर अन्य दलों ने भी समर्थन जताया।
मनसे का रुख और सम्मान समारोह
इस घटना के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने प्रतिभा धानोरकर का रविभवन में सम्मान किया। मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा,
> “पक्षभेद भुलाकर महिला सांसदों ने मराठी अस्मिता का जो परिचय दिया है, वह स्वागत योग्य है। महाराष्ट्र और मराठी मानुष के सम्मान में जो आक्रामक रुख दिखाया गया, वह सराहनीय है।”
राजनीतिक निहितार्थ
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा जानबूझकर हिंदी बनाम मराठी विवाद को महानगरपालिका चुनाव के पहले हवा दे रही है। मुंबई महानगरपालिका पर भाजपा की नजर है और हिंदी भाषी मतदाताओं को साधने के लिए यह रणनीति अपनाई जा रही है।
#JaiMaharashtra #PratibhaDhanorkar #NishikantDubey #MNS #ParliamentNews #IndianPolitics #MarathiPride #CongressVsBJP #PoliticalNews #BreakingNews
