- नगराध्यक्ष चुनाव में फैली अफवाहों पर कांग्रेस की सफाई
- रंजिता आगदारी के ‘टोकरी’ चिन्ह को कांग्रेस से जोड़ने की कोशिश—पार्टी ने बताया षड्यंत्र
- कांग्रेसी नेताओं का दावा: किसी भी तरह की गुटबाजी नहीं, दीप्ती सोनटक्के ही अधिकृत उम्मीदवार
- विरोधी आरोपों के खिलाफ कांग्रेस की आपात पत्रकार परिषद
घुग्घूस नगरपरिषद चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस पार्टी में उम्मीदवार को लेकर फैली अफवाहों और विपक्षी हमलों के बाद पार्टी ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए मंगलवार, 05 दिसंबर 2025 को शहर कांग्रेस कार्यालय में आपात पत्रकार परिषद आयोजित की। परिषद में पार्टी नेताओं ने कहा कि नगराध्यक्ष पद पर कांग्रेस की अधिकृत उम्मीदवार केवल दीप्ती सोनटक्के हैं, और चुनाव चिन्ह ‘हाथ’ (पंजा) ही पार्टी का एकमात्र प्रतीक है।
रंजिता आगदारी के अपक्ष उम्मीदवार बनने से फैला भ्रम
प्रभाग क्रमांक 11 से कांग्रेस के टिकट पर नगरसेवक पद की लड़ाई लड़ रहे पवन आगदारी की पत्नी रंजिता आगदारी ने नगराध्यक्ष पद पर अपक्ष के रूप में नामांकन दाखिल किया है।
इस कारण शहर में यह भ्रम फैल रहा था कि रंजिता आगदारी का ‘टोकरी’ चुनाव चिन्ह कांग्रेस से जुड़ा हुआ है, और यह प्रचारित किया जा रहा था कि कांग्रेस गुटों में बटी हुई है।
कांग्रेस नेताओं ने इसे “पूरी तरह असत्य और जनता को गुमराह करने वाली अफवाह” बताया तथा मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक प्रचार में न आएं।
विधायक जोरगेवार के आरोपों का जवाब
चंद्रपुर विधानसभा के विधायक किशोर जोरगेवार ने एक प्रचार सभा में आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता टोकरी चिन्ह वाले उम्मीदवार के साथ खड़े हैं।
इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस ने कहा किभाजपा जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है।
कांग्रेस का आधिकारिक रुख: “केवल पंजा हमारा उम्मीदवार”
पत्रकार परिषद में मौजूद कांग्रेस शहर अध्यक्ष राजू रेड्डी, पूर्व सभापति रोशन पचारे, नगराध्यक्ष पद की उम्मीदवार दीप्ती सोनटक्के, पूर्व उप-सरपंच सुधाकर बांदूरकर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष तौफिक शेख, ने संयुक्त रूप से कहा कि पार्टी में किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। पार्टी नेतृत्व— सांसद प्रतिभा धानोरकर, पूर्व मंत्री विजय वड्डेटीवार, जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक सुभाष धोटे, ने सर्वसम्मति से दीप्ती सोनटक्के के नाम पर मुहर लगाई है।
रंजिता आगदारी को 6 साल के लिए निलंबन
कांग्रेस ने यह कार्रवाई भी घोषित की कि रंजिता आगदारी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण 6 वर्ष के लिए निलंबित किया गया है।
पवन आगदारी पर ‘सामूहिक बहिष्कार’
रंजिता आगदारी के निर्णय के बाद विवाद गहरा गया और पूरा शहर कांग्रेस संगठन पवन आगदारी के खिलाफ खड़ा हो गया है। रोशन पचारे ने पत्रकार परिषद में स्पष्ट कहा: “कांग्रेस पवन आगदारी के लिए वोट नहीं मांगेगी।”
कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति
पत्रकार परिषद में कांग्रेस नेता सैय्यद अन्वर, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष रोशन दंतलवार, जिला महासचिव अलीम शेख, सुधाकर चिकनकर, बंटी घोरपडे, गजानन मासिरकर, जनार्धन जिवणे, आशा पांगाटे, नुरूल सिद्दीकी, विशाल मादर, दीपक पेंदोर, बालकिशन कुळसंगे, संजय कोवे, अंकुश सपाटे समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इस विवाद ने नगराध्यक्ष चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।
कांग्रेस ने एक ओर जहां अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया है, वहीं पवन–रंजिता आगदारी दंपती पर की गई कड़ी कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी किसी भी प्रकार की गुटबाजी या भ्रम फैलाने वाले तत्वों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस विवाद का चुनावी माहौल पर क्या प्रभाव पड़ता है।
