घुग्घुस | चंद्रपुर
पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार पेशे को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला घुग्घुस से सामने आया है। महामाया इन्फ्रा कोल कोलवशीरीज, बेलसनी (घुग्घुस) के प्रबंधक प्रमोद जवाहर निर्मलकर ने दैनिक भास्कर के चंद्रपुर विशेष प्रतिनिधि शब्बीर सिद्दीकी पर जबरन वसूली, धमकी और ब्लैकमेलिंग जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़ित की शिकायत पर घुग्घुस पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न IPC धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।
खबर छापने की धमकी, 10 लाख महीना हफ्ता की डिमांड
पीड़ित प्रबंधक के अनुसार, शब्बीर सिद्दीकी बीते एक साल से प्रत्यक्ष मुलाकातों और व्हाट्सएप कॉल/मैसेज के जरिए कंपनी को बदनाम करने की धमकी देता रहा। आरोपी खुद को “दैनिक भास्कर का विशेष प्रतिनिधि” बताकर दबाव बनाता था कि या तो उसकी JCB, ट्रक, हाइवा जैसी मशीनरी कंपनी में किराये पर लगाई जाए, या फिर हर महीने 10 लाख रुपये दिए जाएं—अन्यथा कंपनी के खिलाफ नकारात्मक खबरें छापकर काम बंद करवा देने की धमकी दी जाती थी।
शिवाजी चौक पर खुलेआम धमकी
शिकायत के मुताबिक 16 दिसंबर 2025 को शाम 8 से 8:30 बजे के बीच घुग्घुस के छत्रपति शिवाजी चौक पर आरोपी ने काली रंग की KIA कार में बैठकर फिर से धमकाया—“CBI जांच शुरू करवा दूंगा, ऐसी खबरें छापूंगा कि कंपनी टिक नहीं पाएगी।” उसी दौरान “रसीद फाड़ो” कहकर 10,000 रुपये नकद भी जबरन वसूले गए। अगले ही दिन आरोपी ने व्हाट्सएप पर “हैप्पी मॉर्निंग” लिखकर कंपनी के खिलाफ छपी खबर की पेपर कटिंग भेज दी।
मानसिक उत्पीड़न से टूटा पीड़ित
छत्तीसगढ़ निवासी प्रबंधक निर्मलकर परिवार की जिम्मेदारियों के चलते लंबे समय तक डर के कारण चुप रहे। लेकिन लगातार धमकियों, बदनामी और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर अंततः उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। शिकायत में स्पष्ट कहा गया है कि यदि रिपोर्ट के बाद उन्हें कोई नुकसान होता है, तो उसके जिम्मेदार शब्बीर सिद्दीकी होंगे।
पुलिस की कार्रवाई
घुग्घुस पुलिस ने शिकायत के आधार पर जबरन वसूली, धमकी और ब्लैकमेलिंग से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों—कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप मैसेज, पेपर कटिंग—की गहन जांच की जाएगी।
पत्रकारिता पर सवाल
इस पूरे मामले ने स्थानीय स्तर पर पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह न सिर्फ कानूनन अपराध होगा बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों पर भी गहरा आघात माना जाएगा।
