चंद्रपुर जिले में शराबबंदी हटाने के बाद शराब लाइसेंस जारी करने में बड़े पैमाने पर घोटाला, अनियमितताएँ और रिश्वतखोरी के मामले उजागर हुए हैं। इन सभी मामलों की जाँच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (एसीबी) के अपर पुलिस आयुक्त🔍 संदीप दिवाण के नेतृत्व में एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस जाँच से शराब व्यवसाय से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
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कैसे हुआ घोटाला?
महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन पालक मंत्री विजय वडेट्टीवार ने जिले में शराबबंदी हटाने के लिए एक समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर जून 2021 में चंद्रपुर जिले से शराबबंदी हटा दी गई। इसके बाद जिले में धड़ल्ले से शराब लाइसेंस जारी किए गए। लेकिन अब इन लाइसेंसों को जारी करने में बड़े स्तर पर गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है।
उत्पादन शुल्क विभाग के अधिकारी गिरफ्तार
घोटाले का सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब 9 मई 2024 को🔍 उत्पादन शुल्क विभाग के अधीक्षक संजय जयसिंहराव पाटील को ‘बीयर शॉप’ के लाइसेंस के लिए 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी के बाद से पूरे उत्पादन शुल्क विभाग में हड़कंप मच गया है। पाटील पर नियमों की अनदेखी कर तीन सालों में बड़ी संख्या में शराब के लाइसेंस जारी करने का आरोप है।
SIT करेगी कड़ी जाँच
शराबबंदी हटाने के बाद (8 जून 2021 की अधिसूचना के बाद) नवीनीकरण किए गए शराब लाइसेंस, नए मंजूर किए गए लाइसेंस और अन्य जिलों से स्थानांतरित किए गए लाइसेंसों की व्यापक जाँच की जाएगी। इसमें CL-3, FL-3, FLBR-2 जैसी श्रेणियों के लाइसेंस शामिल हैं।
अगर किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़ी कोई शिकायत या दस्तावेज़ी सबूत हैं, तो वे 7 और 8 अप्रैल को सुबह 10 से 12 बजे तक चंद्रपुर विश्राम गृह में SIT को जानकारी दे सकते हैं। इस जाँच प्रक्रिया में SIT के अध्यक्ष संदीप दिवाण भी उपस्थित रहेंगे।
क्या होगा आगे?
SIT की जाँच से यह स्पष्ट हो जाएगा कि शराब लाइसेंस जारी करने में किन-किन अधिकारियों और नेताओं की भूमिका रही। यदि जाँच में भ्रष्टाचार साबित हुआ, तो बड़ी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं और लाइसेंस रद्द भी किए जा सकते हैं। इस घोटाले से जुड़े अन्य बड़े नामों का खुलासा होना अभी बाकी है, जिससे राजनीति और प्रशासन में खलबली मच सकती है।
क्या चंद्रपुर में शराबबंदी हटाने का फैसला सही था या यह सिर्फ एक बड़े भ्रष्टाचार को जन्म देने वाला कदम साबित हुआ? यह सवाल अब हर किसी की जुबान पर है!