देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक 🔍ताडोबा-अंधारी व्याघ्र परियोजना हर वर्ष हजारों पर्यटकों को आकर्षित करती है। हालांकि, चंद्रपुर शहर से सीधे ताडोबा सफारी तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा न होने से पर्यटकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को हल करने के उद्देश्य से चंद्रपुर के 🔍विधायक किशोर जोरगेवार ने मुंबई में 🔍वन मंत्री गणेश नाइक से मुलाकात कर चंद्रपुर शहर से सीधे 🔍मोहर्ली सफारी गेट तक क्रूजर सेवा शुरू करने की मांग की।
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बैठक में पर्यटन विकास पर हुई चर्चा
बुधवार को मुंबई स्थित मंत्रालय में 🔍चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हेतु वन मंत्री गणेश नाइक की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वन विभाग से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। वन मंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार चंद्रपुर में वन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
विधायक किशोर जोरगेवार ने बैठक के दौरान बताया कि वर्तमान में ताडोबा सफारी जाने वाले पर्यटकों को मोहर्ली गेट तक पहुँचने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे उनका समय और धन अधिक खर्च होता है। यदि चंद्रपुर से सीधे मोहर्ली गेट तक क्रूजर सेवा शुरू की जाती है, तो इससे पर्यटकों को सुविधा मिलेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
पर्यटन शुल्क और विशेष बस सेवा की मांग
इसके अलावा, विधायक जोरगेवार ने ताडोबा सफारी के लिए शनिवार और रविवार को बढ़ाए गए शुल्क को समाप्त कर पूरे सप्ताह के लिए समान शुल्क रखने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी पर्यटक की बुकिंग होने के बावजूद वह सफारी में शामिल नहीं हो पाता, तो उसकी जगह किसी अन्य पर्यटक का नाम जोड़ा जाए, जिससे सीटें खाली न रहें और अन्य पर्यटकों को मौका मिले।
चैत्र नवरात्र और श्री माता महाकाली महोत्सव के दौरान ताडोबा आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होती है। इसे ध्यान में रखते हुए, विशेष बस सेवा शुरू करने की भी मांग की गई, जिससे ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु और पर्यटक ताडोबा आसानी से पहुँच सकें।
गोंडकालीन किलों की लघु प्रतिकृति की स्थापना
चंद्रपुर का ऐतिहासिक महत्व भी अत्यंत समृद्ध है, जिसमें गोंडकालीन किले प्रमुख आकर्षण हैं। इन किलों की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने के उद्देश्य से संजय पांडुरंग सब्बनवार ने 40×40 फीट की गोंडकालीन किले की लघु प्रतिकृति तैयार की है। इस प्रतिकृति में चार प्रवेश द्वार, पाँच खिड़कियाँ, परकोट, बुर्ज और मिनार शामिल हैं।
विधायक जोरगेवार ने इस प्रतिकृति को ताडोबा-अंधारी व्याघ्र परियोजना के मोहर्ली सफारी गेट के पास स्थापित करने की मांग की, जिससे इसे अधिक से अधिक पर्यटक देख सकें और गोंडकालीन वास्तुकला की भव्यता को समझ सकें।
बांस और लकड़ी की कला को बढ़ावा देने की पहल
विधायक जोरगेवार ने दिवंगत काष्ठशिल्पकार मनोहर सप्रे की बांस और लकड़ी की कला को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए मोहर्ली सफारी गेट पर एक स्थायी प्रदर्शनी हॉल स्थापित करने की भी मांग की। मनोहर सप्रे ने अपने जीवनकाल में बांस और लकड़ी की उत्कृष्ट कृतियाँ बनाई थीं, जो कला प्रेमियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस प्रदर्शनी हॉल के माध्यम से इन कलाकृतियों का संरक्षण और प्रचार किया जा सकेगा।
सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील
विधायक किशोर जोरगेवार ने जोर देकर कहा कि चंद्रपुर के पर्यटन विकास को गति देने और ऐतिहासिक धरोहर को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए सरकार को जल्द से जल्द निर्णय लेना चाहिए। इस बैठक में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
यदि सरकार इन मांगों को पूरा करती है, तो ताडोबा सफारी और चंद्रपुर का पर्यटन नई ऊँचाइयों पर पहुँचेगा, जिससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।