घुग्घुस नगरपरिषद चुनाव का परिणाम रविवार को सामने आते ही स्थानीय राजनीति में बड़ा उलटफेर साफ दिखाई दिया। सीधे मुकाबले में कांग्रेस की दीप्ती सोनटक्के ने भाजपा की शारदा दुर्गम को 346 मतों से पराजित कर न केवल नगराध्यक्ष पद अपने नाम किया, बल्कि यह संदेश भी दे दिया कि घुग्घुस की सियासत में कांग्रेस फिर से केंद्र में लौट आई है।
यह जीत महज़ आंकड़ों की नहीं, बल्कि संगठनात्मक मजबूती, जमीनी पकड़ और रणनीतिक संतुलन की जीत मानी जा रही है।
परिषद पर कांग्रेस का दबदबा, भाजपा को करारा झटका
11 प्रभागों की 22 सीटों वाले इस चुनाव में कांग्रेस ने 11 सीटें जीतकर परिषद में सबसे बड़ा दल बनने का गौरव हासिल किया। वहीं भाजपा 7 सीटों पर सिमट गई। एनसीपी (अजित पवार गुट) को 2 और निर्दलीयों को भी 2 सीटें मिलीं।
यह परिणाम बताता है कि सत्ता पक्ष होने के बावजूद भाजपा स्थानीय मुद्दों और मतदाता असंतोष को साधने में चूक गई, जबकि कांग्रेस ने बिखरे विपक्षी वोटों को अपने पक्ष में समेटने में सफलता पाई।
नगराध्यक्ष चुनाव: सीधा मुकाबला, स्पष्ट संदेश
नगराध्यक्ष पद के लिए हुए सीधे चुनाव में दीप्ती सोनटक्के को 7196 मत मिले, जबकि शारदा दुर्गम 6850 मतों तक ही सीमित रहीं। अन्य उम्मीदवारों और NOTA के आंकड़े यह दिखाते हैं कि मुकाबला द्विध्रुवीय था और अंततः कांग्रेस ने निर्णायक बढ़त बनाई।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह जीत कांग्रेस के लिए “मनोवैज्ञानिक बढ़त” भी है, क्योंकि नगराध्यक्ष पद सीधे जनता के वोट से तय हुआ।
प्रभागवार नतीजे: रणनीति बनाम संगठन
कांग्रेस की ताकत: प्रभाग 3, 5, 6, 8, 10 और 11 जैसे क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत ने यह साबित किया कि पार्टी ने स्थानीय समीकरण, जातीय संतुलन और कार्यकर्ताओं की मेहनत का सही उपयोग किया।
भाजपा की स्थिति: प्रभाग 4, 7 और 9 में जीत के बावजूद भाजपा समग्र नियंत्रण नहीं बना सकी। भारी प्रचार, मंत्रियों की सभाएं और संसाधनों के उपयोग के बाद भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके।
निर्दलीय और एनसीपी: कुछ प्रभागों में इनकी जीत ने यह दिखाया कि स्थानीय स्तर पर व्यक्ति विशेष की पकड़ अब भी निर्णायक भूमिका निभाती है।
कांग्रेस की रणनीति: जमीनी जुड़ाव और सामूहिक नेतृत्व, कांग्रेस ने इस चुनाव में “कम शोर, ज्यादा काम” की नीति अपनाई।
घर-घर संपर्क, स्थानीय मुद्दों पर फोकस, उम्मीदवार चयन में सामाजिक संतुलन, संगठन और कार्यकर्ताओं की एकजुटता इन सभी ने मिलकर कांग्रेस को बढ़त दिलाई। दीप्ती सोनटक्के का चेहरा भी पार्टी के लिए भरोसेमंद साबित हुआ।
भाजपा की रणनीति: संसाधन प्रचुर, लेकिन संदेश कमजोर
भाजपा ने मंत्रियों की सभाएं, विधायक किशोर जोरगेवार की सक्रियता और सत्ता के संसाधनों का भरपूर उपयोग किया, लेकिन स्थानीय नाराजगी और संगठनात्मक तालमेल की कमी भारी पड़ी। मतदाता यह संदेश देते दिखे कि केवल प्रचार से नहीं, बल्कि स्थानीय विश्वास से चुनाव जीता जाता है।
नगराध्यक्ष पद के पराजित उम्मीदवारों की स्थिति
नगराध्यक्ष पद की दौड़ में निम्न उम्मीदवार पराजित रहे—
आगदारी रंजिता पवनकुमार – 1215 मत
ढोके नैना धिरज – 1754 मत
दुर्गम शारदा मोहन – 6850 मत
देशकर रिता फकरू – 247 मत
पाटील आरती स्नेहदीप – 282 मत
प्रभागवार परिणाम: हर प्रभाग में दिलचस्प मुकाबला
प्रभाग 1: के विजयी उम्मीदवार
सत्तदारी भाजपा और कांग्रेस के अलावा अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों को हराकर
एनसीपी (अजित पवार गट) रविश सिंग को 518 और शुभांगी सारसद 516 मतों से जीत हासिल की।
पराजित उम्मीदवार
1) विद्या अरविंद चाहांदे – 406, 2) तग्रपवार प्रेमा गुरुदास – 355, NOTA- 28
1) संजय नामदेव आत्राम – 132, 2) शरद राजेश कुमार – 9, 3) दशरथ लिंगय्या तालापेल्ली – 51, 4) विशाल राजेश्वर दामेर – 261, 5) सानु सिद्दिकी -315 NOTA- 19
प्रभाग 2: के विजयी उम्मीदवार
निर्दलीय उम्मीदवार माला मेश्राम ने सत्तदारी भाजपा-काँग्रेस के उम्मीदवारों को हराकर 502 मतों से बाजी मारी।
काँग्रेस के सूरज कनूर ने सत्तदारी भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवारों को हराकर 552 मतों से विजय हुए।
पराजित उम्मीदवार
1) राजकुमार रामाजी गोडशेलवार – 345, 2) विशाल करुणाकर वनकर- 242, NOTA- 15
1) सरिता श्रीनिवास ईसारप- 341, 2) सारिका योगेश पराते- 295, NOTA- 16
प्रभाग 3: के विजयी उम्मीदवार
सत्तदारी भाजपा और अन्य दलों उम्मीदवारों को हराकर काँग्रेस के राजु रेड्डी ने 1127 मत तो आशा पानघाटे ने 1115 मतों से शानदार जीत हासिल की।
पराजित उम्मीदवार
1) लता अबिश गोहोकार- 208, 2) सूचिता राजेंद्र लुटे – 799, NOTA- 27
1) शिवसाजन भाऊराव गोहणे- 875, 2) प्रणयकुमार शंकर बंडी- 39, 3) महेश लक्ष्मण लट्टा- 84, NOTA- 24
प्रभाग 4: के विजयी उम्मीदवार
कांग्रेस और अन्य दलों उम्मीदवारों को हराकर भाजपा के विवेक बोढे ने 1592 और चैताली सातपुते 1345 मतों से विजयी रहे।
पराजित उम्मीदवार
1) रघुनाथ कल्याणराव धोंगडे -170, 2) गजानन शंकर मासिरकर- 591, NOTA- 20
1) सारिका अविनाश आमटे -223, 2) केतकी चेतन घोरपडे- 710, 3) पुष्पा उत्तम रामटेके- 71, NOTA- 24
प्रभाग 5: के विजयी उम्मीदवार
सत्तदारी भाजपा और अन्य दलों उम्मीदवारों को हराकर काँग्रेस के रोशन पचारे 554 और अर्चना सरोकर 733 मतों से बाज़ी मारी।
पराजित उम्मीदवार
1) शारदा संजय झाडे – 158, 2) प्रतिमा योगेश नगराळे- 140, NOTA- 38
1) रुपेश डोमाजी कोहळे- 196, 2) तुषार सुरेशराव बोबडे- 106, 3) देवेंद्र रामदास बोंडे- 198, NOTA- 15
प्रभाग 6: के विजयी उम्मीदवार
सत्तदारी भाजपा और अन्य दलों उम्मीदवारों को हराकर काँग्रेस के श्रुतिका कलवल 702 और दिलीप पिटलवार 370 मतों से जीत दर्ज की।
पराजित उम्मीदवार
1) गोगला सुजाता रमेश- 121, 2) अड्डुरवार मोनिका हृदयकुमार- 569, 3) तक्कला कविता रमेश- 304, 4) पाटील दुर्गा प्रदीप- 153, NOTA- 27
1) गुडला श्रीनिवास मूर्ति- 180, 2) गुप्ता उमेश कृष्णकुमार- 342, 3) गोसकुला श्रीनिवास गट्टाय्या- 149, 4) डब्बावार दत्तात्रय परमेश्वर- 88, 5) त्रिवेणी पद्मा सदानंद- 25, 6) नुने संतोष नरेंद्र- 210, 7) भोस्कर प्रमोद उध्दव- 332, 8) भंडारी अनुप सुरेश- 81, 9) लट्टा महेश लक्ष्मण- 3, 10) वर्मा राजकुमार नन्नू- 73, 11) शेख समीउद्दीन रफीउद्दीन- 16, NOTA- 7
प्रभाग 7 : के विजयी उम्मीदवार
कांग्रेस और अन्य दलों उम्मीदवारों को हराकर भाजपा के गणेश पिपळशेंडे 538 और मधु संजय तिवारी 576 मतों से विजय हुए।
पराजित उम्मीदवार
1) चौहान शिवकुमार रामप्रकाश- 312, 2) निषाद श्रीप्रकाश कालीचरण- 281, NOTA- 8
1) खैरे सरीता विशाल- 268, 3) सिंग मौसम रविश- 283, NOTA- 12
प्रभाग 8 : के विजयी उम्मीदवार
सत्तदारी भाजपा और अन्य दलों उम्मीदवारों को हराकर काँग्रेस के नुरूल सिद्दीकी 455 और सुनिता पेंदोर 743 मतों से जीत हासिल की।
पराजित उम्मीदवार
1) आत्राम शीतल रोशन- 486, 2) उइके मनिषा गणेश- 209, NOTA- 31
1) चांदेकर अनिरुध्द धनराज- 34, 2) ठाकरे निशांत लुकेश- 180
3) पाटील सुषमा राजेंद्र- 24, 4) बोबडे प्रकाश जयंत- 361, 5) बोंडे सतीश शालिकराम- 268, 6) सय्यद समीर इद्रीस- 141, NOTA- 6
प्रभाग 9 : के विजयी उम्मीदवार
कांग्रेस और अन्य दलों उम्मीदवारों को हराकर भाजपा के मीना मोरपाका 836, वैशाली ढवस 535 मतों से विजय हुए।
पराजित उम्मीदवार
1) कांबळे नंदा दिलीप- 84, 2) सौ. रिता रमेश कोवले- 62, 3) चिवंडे निळा लक्ष्मण- 60, 4) पाटील स्नेहा लंकेश्वर- 283, 5) कंचनदेवी सुरजकुमार बहुरीया- 620, NOTA- 40
1) आगदारी पृथ्वीराज चंद्रय्या- 138, 2) कांबळे प्रमोद दौलत- 14, 3) गणेश (घनश्याम) मिनराज कुटेमाटे- 11, 4) श्याम विस्तारी कूमरवार- 70, 5) कोंडागुर्ला सिध्दार्थ बलराज- 86, 6) खनके पुंडलिक धर्माजी- 28, 7) गोमासे तुकाराम पोचाया- 92, 8) गोरघाटे प्रज्योत गौतम- 40, 9) चांदेकर सदानंद चिंतामण- 6, 10) डोंगे महेश लटारी- 94, 11) बांदूरकर सुधाकर गणपत- 458, 12) बोबडे चेतन देवराव- 326, 13) रामटेके प्रतीक दिपक- 78, NOTA- 9
प्रभाग 10 : के विजयी उम्मीदवार
सत्तदारी भाजपा और अन्य दलों उम्मीदवारों को हराकर काँग्रेस के वैशाली चिकनकर 966 मतों से जीत दर्ज की।
निर्दलीय उम्मीदवार पंकज धोटे ने सत्तदारी भाजपा-काँग्रेस के उम्मीदवारों को हराकर 742 मतों से विजयी रहे।।
पराजित उम्मीदवार
1) जिवने जनार्धन भाऊराव- 428, 2) पाईकराव सुरेश मल्हारी- 43, 3) पाझारे योगराज गोपीचंद- 57, 4) पाझारे हेमंत आनंदराव- 249, 5) बोरकर अमित नागोराव- 113, 6) मुंडे सोमेश्वर लिंबाजी- 87, 7) वाघमारे संज्योग वसंत- 42, NOTA- 2
1) गाताडे आनंदी दिलीप- 265, 2) चौधरी नितु विनोद- 461, NOTA- 71
प्रभाग 11 : के विजयी उम्मीदवार
सत्तदारी भाजपा और अन्य दलों उम्मीदवारों को हराकर काँग्रेस के पल्लवी घुले 501 मतों से शानदार जीत हासिल की।
कांग्रेस और अन्य दलों उम्मीदवारों को हराकर भाजपा के आशिष मासिरकर 357 मतों से जीत दर्ज की।
पराजित उम्मीदवार
1) आगदारी पवनकुमार गट्टय्या- 280, 2) कोवले क्षितिज विलास- 71, 3) गायकवाड बंडू निवृती- 209, 4) जंजर्ला विनोद चंदू- 248, 5) ठाकरे रवी शेषराव- 81, 6) पाईकराव शरद मल्हारी- 25, 7) महानकली मनमोहन व्यंकटेशम- 85, 8) सोनुले मनोज क्रांतिकुमार- 83, NOTA- 8
1) इंगोले दिपाली कुलदीप- 414, 2) पाटील सुनिता संतोष- 484, NOTA- 48
घुग्घुस नगरपरिषद चुनाव के नतीजों ने साफ संकेत दे दिया है कि कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली है। वहीं भाजपा को कई प्रभागों में कड़े संघर्ष के बावजूद झटका लगा है। निर्दलीय और एनसीपी (अजित पवार गुट) की उपस्थिति ने भी चुनाव को दिलचस्प बना दिया।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई नगरपरिषद और नव-निर्वाचित नगराध्यक्ष दीप्ती सोनटक्के घुग्घुस के विकास को किस दिशा में ले जाती हैं।
