हार और जीत के अनेक कारण होते हैं। किसी एक कारण के बल पर फैसला सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। घुग्घुस नगर परिषद निर्माण की प्रक्रिया के शुरुआत से ही इसका विरोध करने वाली भाजपा की नीतियों को यहां की जनता ने करीब से देखा। दूसरी ओर 7 साल पूर्व कांग्रेस की डूबती नैया की कमान संभालने वाले शहराध्यक्ष राजू रेड्डी की लगातार मेहनत, लगन, समर्पन, संवेदनशीलता, जनता के समस्याओं के प्रति सहयोगात्मक रवैया, अनेक सामाजिक व राजनीतिक उपक्रमों ने उन्हें अंतत: घुग्घुस नप की सत्ता का किंगमेकर बना ही दिया। यहां हुई भाजपा की हार के लिए वैसे तो अनेक कारण जिम्मेदार हैं, लेकिन सबसे अहम कारण भाजपा की वह नीतियां रही जो नप के निर्माण में अड़ंगा डालते नजर आयी।
ज्ञात हो कि बरसों से घुग्घुसवासी चाहते थे कि घुग्घुस ग्राम पंचायत को नगर परिषद का दर्जा मिले। इसके लिए अनेक आंदोलन किए गए। कांग्रेस ने इस मसले को पूरजोर ढंग से उठाया। करीब 5 साल पहले भाजपा इस नगर परिषद निर्माण के विरोध में थी। बावजूद कांग्रेस ने घुग्घुस को नगर परिषद का दर्जा दिलाने के लिए एडी चोटी का जोर लगा दिया। जिस समय भाजपा की सत्ता घुग्घुस में परवान चढ़ी, कांग्रेस ताश की पत्तों की तरह ढह रही थी। मुश्किल वक्त में राजू रेड्डी के हाथों में घुग्घुस शहराध्यक्ष की कमान सौंपी गई। शून्य से शुरुआत करने की स्थिति में कांग्रेस में बिखराव काफी था। कार्यकर्ता निरुत्साही थे। भाजपा के सत्ता के आकर्षण और उनकी ताकत में कांग्रेस कार्यकर्ता बहे जा रहे थे। ऐसे में कांग्रेस की बागडोर संभालने के बाद रेड्डी ने एक एक कर कार्यकर्ताओं को जोड़ा। अपनी टीम तैयार की। पश्चात यह कारवां बनकर आगे बढ़ता चला गया। बीते 7 सालों में कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं ने जी जान से मेहनत की। अपनी पूरी शक्ति संगठन और जनता का दिल जीतने में झोंक दी। जनाधार बढ़ता चला गया और कांग्रेस में जान फूंकने के बाद से जनता भी जुड़ती चली गई।
बीते चुनावों में घुग्घुस वासियों ने कांग्रेस को दिल खोलकर वोटों की बौछार की। चाहे लोकसभा हो या विधानसभा के चुनाव यहां के निवासियों ने भाजपा को नकारते हुए कांग्रेस का साथ दिया। क्योंकि जब भाजपा के नेतागण घुग्घुस नप निर्माण का विरोध कर रहे थे, तब राजू रेड्डी और उनके कांग्रेस की टीम ने मुंबई मंत्रालय के अनेक चक्कर काटे। जिले के तत्कालीन पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार की सहायता से 31 दिसंबर 2020 को अंतत: नप का दर्जा हासिल किया। न केवल मोर्चा, आंदोलन, बल्कि स्वयं ही क्षेत्र की जनता को टैंकरों के माध्यम से लागतार जलापूर्ति कर जनता का दिल जीतने में कामयाब हुए। इसके बलबूते मजबूत भाजपाई सत्ता के गढ़ में सेंध लगाने में रेड्डी सफल हो गए। आज बहुमत के साथ कांग्रेस ने नप पर सत्ता हासिल कर ली है। कांग्रेस की प्रत्याशी दीप्ति सोनटक्के को जनता ने प्रथम नगराध्यक्ष बनाया। और 11 नगरसेवकों को लोगों ने चुनकर प्रथम नगरसेवक बनने का सम्मान दिया। इसलिए इस जंग में निर्विवाद राजू रेड्डी को किंगमेकर माना जा रहा है।
