चंद्रपुर जिले की औद्योगिक नगरी घुग्घूस राजनीति और अपराध के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। नए पुलिस इंस्पेक्टर प्रकाश राउत की तैनाती से अपराध जगत में हड़कंप मच गया है! असामाजिक तत्वों पर कड़ा शिकंजा कसने वाले इस अधिकारी को घुग्घूस की कमान सौंपे जाने के बाद पूरे शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
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🔍 घुग्घूस पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले पडोली पुलिस चौकी का प्रभार करीब डेढ़ दशक पूर्व एक एपीआई के हाथों में सौंपा गया था। फिर पडोली को वर्ष 2006 मे स्वतंत्र थाना बनाया गया, वर्ष 2009 में पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति के बाद पुलिस इंस्पेक्टर का दर्जा मिला, और तब से अब तक कुल 16 पुलिस अधिकारियों ने इस थाने की कमान संभाली।
हाल ही में, पुलिस विभाग में 38 वर्षों की सेवा देने के बाद पुलिस अधिकारी🔍 श्याम सोनटक्के 30 मार्च को सेवानिवृत्त हुए। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद🔍 प्रकाश राउत को 17वें पुलिस इंस्पेक्टर के रूप में घुग्घूस थाने का पदभार सौंपा गया है।और उनके कार्यभार संभालते ही इलाके में कानून व्यवस्था को लेकर नई उम्मीदें जग गई हैं।
नए पुलिस इंस्पेक्टर का परिचय
प्रकाश राउत ने वर्धा जिले से अपनी शिक्षा पूरी की और इसके बाद पुलिस विभाग में सेवा देना शुरू किया। उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें नागपुर, चिमूर के भिसी और चंद्रपुर के दुर्गापुर थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि, दुर्गापुर थाने में मात्र 25 दिनों की सेवा के उपरांत उन्हें औद्योगिक नगरी घुग्घूस की कमान सौंप दी गई।
कर्तव्यनिष्ठ और सख्त अधिकारी
सूत्रों के अनुसार, प्रकाश राउत कर्तव्यनिष्ठ, मिलनसार और अपराधियों के प्रति सख्त माने जाते हैं। कहा जाता है कि वह असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए जाने जाते हैं।
राजनीतिक दबाव या कड़क एक्शन
घुग्घूस हमेशा से राजनीति और अपराध का केंद्र रहा है। यहां के राजनीतिक दलों का पुलिस पर गहरा प्रभाव रहा है, लेकिन क्या प्रकाश राउत इस दबाव से मुक्त होकर अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेंगे? या फिर उन्हें भी सत्ता के इशारों पर काम करना पड़ेगा? यह सवाल हर किसी के मन में दौड़ रहा है!
अपराधियों में खौफ – क्या अब घुग्घूस में होगा बदलाव?
सूत्रों की मानें तो प्रकाश राउत बेहद सख्त और अनुशासित अधिकारी हैं, जो अपराधियों के लिए किसी खौफनाक सपने से कम नहीं होंगे। पिछले एक साल से शांत घुग्घूस में अब क्या कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा?
घुग्घूस की जनता अब इस बात पर नजर गड़ाए बैठी है कि, अपनी पुलिसिंग शैली प्रकाश से शहर को सुरक्षित बनाएंगे या फिर पुराने ढर्रे पर ही सब चलता रहेगा! अगले कुछ हफ्तों में तस्वीर साफ हो जाएगी कि घुग्घूस के अपराधी अब सुधरेंगे या फिर सलाखों के पीछे नजर आएंगे!