अभी हाल ही में घुग्घुस में लॉयड्स मेटल्स कंपनी के यूनिट के विस्तार के लिए जनसुनवाई सफलतापूर्वक संपन्न हुई। खासबात यह रही कि इस जनसुनवाई में नेताओं और समुदाय का समर्थन प्राप्त हुआ। विरोध दर्शाने के लिए जिले भर से, दूर-दराज से सम्माननीय लोग आये, लेकिन हर कोई अपने विचार रखते समय एक बात को प्रमुखता से कह गया –लॉयड़स का विस्तारीकरण होना चाहिये, लेकिन यह-यह सुधार किये जाने चाहिये। मतलब साफ है कि विस्तारीकरण हर कोई चाह रहा था, परंतु सुधार की दिशा में सुझाव देने के लिए सभी आतुर थे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर विरोध की मंशा लेकर आने वाले लोगों के दिलों में विरोध नहीं, बल्कि सुधार के सुझावों की चेष्टा थी।
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रोजगार सृजन और पर्यावरण सुरक्षा के प्रयासों की सराहना भी इस जनसुनवाई में की गई। कंपनी की ओर से स्थानीय युवाओं को कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। और इसमें बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद अनेकों ने व्यक्त की। कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर समेत अनेक लोगों ने अपने विचार रखते हुए यही कहा कि उन्हें लॉयड्स का विस्तारीकरण चाहिये। लेकिन उन्हें कंपनी की ओर से किये जा रहे सामाजिक और अन्य कार्यों में सुधार लाने की आवश्यकता है। इस तरह के विचार जनसुनवाई से बाहर आते ही, मन में द्वेष, विरोध और अर्थनीति का छिपा एजेंडा लेकर आये उन तमाम चेहरों का रंग उड़ गया।
लॉयड्स मेटल्स के विस्तार परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करने हेतु जनसुनवाई, कंपनी के परिसर के बाहर सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इसमें स्थानीय नेताओं और समुदाय के कई सदस्यों ने भाग लिया। उन्होंने अपनी राय साझा की और परियोजना के प्रति अपने समर्थन का इज़हार किया।
इस जनसुनवाई में कई स्थानीय निवासियों ने कंपनी के रोजगार सृजन के प्रयासों की सराहना की। वहीं कुछ ने कंपनी के स्थानीय युवाओं के कौशल विकास के प्रति योगदान की प्रशंसा की। लॉयड्स मेटल्स स्थानीय समुदाय से ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी (GET) की भर्ती कर रही है, खासकर घुग्घुस और आसपास के गांवों से। इस विस्तार परियोजना के कारण कंपनी में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
कंपनी द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों की भी स्थानीय समुदाय द्वारा तारीफ की गई। लॉयड्स मेटल्स द्वारा आयोजित कई बड़े स्वास्थ्य शिविरों और नेत्र जांच शिविरों के माध्यम से स्थानीय लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है।
हालांकि औद्योगिक विस्तार के कारण प्रदूषण की चिंताएं भी सामने आईं, फिर भी स्थानीय नेताओं, जैसे सरपंच और उपसरपंच ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कंपनी के प्रयासों की सराहना की। लॉयड्स मेटल्स ने अपने संचालन की शुरुआत से ही 2.5 लाख से अधिक पेड़ लगाए हैं और क्षेत्र में सतत विकास को प्राथमिकता दी है।
बहरहाल, जनसुनवाई के बाद विरोध की मंशा और फंडिंग की गुप्त चाह लेकर सभा में बैठे विरोधक जब लौट गये तो उनके विरोध का स्वर भी धीरे-धीरे शांत हो गया। कुछ ने अपनी खीज को बयां किया तो कुछ ने ‘अंगूर खट्टे’ वाली कहावत की तरह व्यवहार करने लगे। इस जनसुनवाई में दलाली पाने की चाह लेकर आये कुछ विरोधकों को भी निराश होना पड़ा। एक ओर कंपनी के ठेकेदारों से मीठे संबंध और दूसरी ओर कंपनी से मनमुटाव, अधिक देर तक कायम नहीं रखा जा सका।