चंद्रपुर जिले के सिंदेवाही तालुका के सरडपार गांव के कोतवाल नंदकिशोर हिरामन खोब्रागडे, जो पिछले 11 दिनों से लापता थे, के मामले में पुलिस ने शनिवार (21 तारीख) को तीन संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस मामले में इस्तेमाल की गई बाइक और कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है, जिससे इस रहस्यमय केस के जल्द सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम नामदेव धनविजय (सिंदेवाही) और सोपन जिल्हारे (समुद्रपुर) हैं, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
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कोतवाल का लापता होना और परिवार की शिकायत
नंदकिशोर खोब्रागडे, जो वीरव्हा के मूल निवासी हैं, पिछले कुछ वर्षों से सिंदेवाही में रह रहे थे और सरडपार गांव के तलाठी कार्यालय में कोतवाल के पद पर तैनात थे। 12 तारीख को, वे दो व्यक्तियों के साथ किसी काम से बाहर गए थे, लेकिन उसके बाद घर वापस नहीं लौटे। जब वे घर नहीं पहुंचे, तो उनके परिवार ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। परिवार ने इस मामले में सिंदेवाही के निवासी नामदेव धनविजय पर शक जताया, क्योंकि नंदकिशोर और नामदेव के बीच कृषि से संबंधित विवाद था।
पुलिस जांच में नए खुलासे
परिवार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने नामदेव धनविजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिससे एक और नाम सामने आया—सोपन जिल्हारे, जो वर्धा जिले के समुद्रपुर का निवासी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस द्वारा की गई गहन पूछताछ में एक और संदिग्ध की पहचान हुई, जो फिलहाल फरार है।
गाड़ियों की बरामदगी से बढ़ी उम्मीद
पुलिस ने कोतवाल नंदकिशोर खोब्रागडे के लापता होने के मामले में इस्तेमाल की गई एक बाइक (MH 34 CA 7726) और एक कार (MH 04 GC 2700) जब्त की है। बाइक नामदेव धनविजय की और कार सोपन जिल्हारे की बताई जा रही है। इन वाहनों के जब्त होने के बाद पुलिस को एक और फरार आरोपी का सुराग मिला है। माना जा रहा है कि उस आरोपी की गिरफ्तारी से इस पूरे मामले का खुलासा हो सकता है।
परिवार की नाराजगी और पुलिस पर उठे सवाल
कोतवाल खोब्रागडे के परिवार ने 20 तारीख को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए और जांच में ढिलाई का आरोप लगाया। इस मामले की जांच सिंदेवाही के पुलिस निरीक्षक विजय राठोड, उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनकर ठोसरे के मार्गदर्शन में कर रहे हैं।
पुलिस की ओर से तेजी से चल रही जांच और फरार आरोपी की खोज से यह उम्मीद जताई जा रही है कि यह मामला जल्द ही सुलझ जाएगा और नंदकिशोर खोब्रागडे के लापता होने की सच्चाई सामने आ सकेगी।