चंद्रपुर जिले की औद्योगिक नगरी घुग्घुस के समीप स्थित नकोडा गाँव परिसर में रविवार दोपहर एक सनसनीखेज घटना घटी।
वेकोली (WCL) के मैगज़ीन के पास अचानक एक बाघ ने खुले में चर रही गाय पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ ने पहले गाय को बुरी तरह घायल किया और फिर उसे घसीटते हुए दूर ले जाने की कोशिश की।
चारवाहों की कोशिश, लेकिन मौत से हार गई गाय
गंभीर रूप से घायल गाय को बचाने के लिए चारवाहों ने हर संभव कोशिश की। उसे इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही गाय ने दम तोड़ दिया। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल फैल गया।
वन विभाग की टीम मौके पर
सूचना मिलते ही चंद्रपुर वन विभाग की फॉरेस्ट गार्ड सुनीता मकनी और उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुँची। घटनास्थल पर बाघ के पगमार्क (पदचिन्ह) स्पष्ट रूप से पाए गए, जिससे यह पुख्ता हुआ कि हमला बाघ ने ही किया था।
ग्रामीणों में बढ़ी दहशत
इस घटना के बाद नकोडा और घुग्घुस क्षेत्र के ग्रामीणों में गहरी चिंता और भय का माहौल है। लोग अब खुले में मवेशी चराने से डर रहे हैं और वन विभाग से सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
मानव–वन्यजीव संघर्ष का गहराता संकट
जानकारों का मानना है कि वनों में शिकार की कमी और इंसानी बस्तियों की ओर बाघों की बढ़ती घुसपैठ इस तरह की घटनाओं का कारण है।
ग्रामीणों की आजीविका का बड़ा हिस्सा मवेशियों पर आधारित है।
इसलिए, इस तरह की घटनाएँ न केवल उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा आघात करती हैं बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें असुरक्षित कर देती हैं।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि चंद्रपुर जिला मानव–वन्यजीव संघर्ष का गंभीर केंद्र बन चुका है, जहाँ सुरक्षा इंतज़ाम और ठोस समाधान की तत्काल ज़रूरत है।
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