देश की मिनी महारत्न कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के अधीन वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के चंद्रपुर क्षेत्र के दुर्गापुर उपक्षेत्र में कामगार असुरक्षित माहौल और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कार्य करने को मजबूर हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर इंटक के महामंत्री के.के. सिंह ने कोयला मंत्री किशन रेड्डी को एक विस्तृत पत्र भेजा है।
खतरनाक कार्य वातावरण
कामगारों ने बताया कि सेक्टर-2 पंप सेक्शन तक पहुंचने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं है। घनी झाड़ियों और जंगली जानवरों (बाघ, तेंदुआ, भालू) के बीच से कामगारों को गुजरना पड़ता है। कार्यस्थल पर फेंसिंग और संपर्क के साधन नहीं हैं, जिससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है।
शौचालय व स्वच्छता की बदहाल स्थिति
- पुरुष शौचालयों में न तो रोशनी है और न पानी, जिससे उनका उपयोग असंभव है।
- महिला कर्मचारियों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ता है, जबकि दफ्तर में कार्यरत कुछ महिलाओं के लिए बंद शौचालय अलग से सुरक्षित रखा गया है।
- उपक्षेत्रीय कार्यालय में बने शौचालय भी गंदगी और टूटी व्यवस्था के कारण उपयोग योग्य नहीं हैं।
महिलाओं के लिए सुविधाओं का घोर अभाव
दुर्गापुर उपक्षेत्र में 120 से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं, लेकिन उनके लिए चेंजिंग रूम, रेस्ट शेल्टर या मासिक धर्म के समय उपयोगी सुविधा केंद्र तक उपलब्ध नहीं है। खदान में कार्यरत महिलाओं के लिए न तो शौचालय की व्यवस्था है और न ही बच्चों के लिए कोई सुविधा केंद्र।
- रेस्ट शेल्टर और पीने के पानी की समस्या
- रेस्ट शेल्टर और ब्लास्टिंग शेल्टर के नाम पर केवल लोहे के पिंजरे जैसे ढांचे बनाए गए हैं, जिनमें बैठने या पानी की कोई सुविधा नहीं है।
- पुराने टाइम ऑफिस के पास बने पानी पीने के स्थान पर गंदगी फैली हुई है और साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं है।
भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप
पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि –
- सीमेंट रोड बनने के मात्र तीन साल में ही उखड़ गया, जबकि निर्माण के समय ही निम्न गुणवत्ता की शिकायत की गई थी।
- नए बने शेड कुछ ही दिनों में उड़ गए, लेकिन न तो ठेकेदार पर जुर्माना लगाया गया और न ही अधिकारियों पर कार्यवाही हुई।
- प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना वर्क ऑर्डर और सुरक्षा मानकों के निजी पी.सी. से कार्य कराए गए, जहां मजदूरों के पास न मेडिकल जांच थी और न ही पहचान पत्र।
संगठन की मांग
इंटक के महामंत्री के.के. सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से संगठन इन मुद्दों पर प्रबंधन को अवगत कराता आ रहा है, लेकिन हालात जस के तस हैं। मजबूरन अब सरकार के स्तर पर शिकायत करनी पड़ रही है। उन्होंने कोयला मंत्री से मांग की है कि दुर्गापुर उपक्षेत्र के कामगारों और उनके परिवारों को सुरक्षित कार्य वातावरण और बुनियादी कल्याणकारी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
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